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Friday, 7 October 2016

जनसत्ता दैनिक



जनसत्ता
जनसत्ता हिन्दी का प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है।
जनसत्ता इंडियन एक्सप्रेस समूह का हिन्दी अख़बार है। इसकी स्थापना इंडियन एक्सप्रेस, दिल्ली के संपादक प्रभाष जोशी ने की थी। १९८३ में शुरू हुए इस अखबार ने रातों रात सबको पीछे छोड़ दिया और इसके कई संस्करण निकले। उसके सम्पादक ओम थानवी हैं। जनसत्ता कोलकत्ता, चंडीगढ़ और रायपुर से भी निकलता है।

हिन्दी पत्रकारिता को नया आयाम देने वालों में दिल्ली से प्रकाशित दैनिक 'जनसत्ता' का नाम अग्रणी है। खोजपूर्ण पत्रकारिता को नए तेवर देने का श्रेय यदि किसी पत्र को दिया जा सकता है तो वह है-`जनसत्ता'। अपनी विशेष शैली, आम भाषा, तेज-तर्रार सम्पादकीय लेखों तथा समाचारों के प्रस्तुतीकरण ने इसे न केवल दिल्ली का बल्कि पूरे देश का लोकप्रिय पत्र बना दिया और उसे ही कुछ वर्षों में श्रेष्ठ हिन्दी दैनिक पत्रों में ला खड़ा किया।
खोज खबर, गपशप, किताबें, अर्थात्, इस पत्र के सर्वाधिक लोकप्रिय स्तम्भ हैं। इसका रविवारीय संस्करण `रविवारीय जनसत्ता' विविध सामियक सामग्री से परिपूर्ण है। सामयिक लेख, कविता, कहानी, नन्ही दुनियां, जोगलिखी, देखी-सुनी, महिला जगत्, आदि इसके नियमित स्तम्भ हैं।

प्रकाशन स्थल
जनसत्ता मुख्यालय दिल्ली से प्रकाशित होता है। प्रभाष जोशी के बाद इसके संपादक बने राहुल देव। राहुल देव के बाद अच्युतानंद मिश्र ने इसके संपादक का कार्यभार संभाला। लेकिन उन्हें ठीक से काम नहीं करने दिया गया। इसके पीछे प्रभाष जोशी की शह पर रामबहादुर राय समेत कई पत्रकारों ने अच्युताजी की राह में रोड़े अटकाए। हालांकि बाद में संपादक बने ओम थानवी ने प्रभाष जोशी के नजदीकी लोगों को ही निबटा दिया।

Friday, 12 February 2016

प्रचलित डोमेन एवं उनसे जुड़े क्षेत्र और इंटरनेट हिन्दी वेबसाइट

प्रचलित डोमेन एवं उनसे जुड़े क्षेत्र
 
•    .edu – पढाई वाली संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .net – नेटवर्क संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .int- अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .org- एसी संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए जो पैसे के लिए काम नहीं करते
•    .mil- सैन्य संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .jobs- नौकरी देने वाले संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .gov- सरकारी संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .com- व्यपारिक संस्थानों से जुड़े साइट्स के लिए
•    .name- एक व्यक्ति विशेष के लिए
•    .pro- एक प्रोफेशनल जैसे – डॉक्टर, प्रोफेसर वकील आदि के लिए
•    .in- भारतीय साइट्स के लिए
•    .uk- लन्दन के साइट्स के लिए एवम अन्य

निम्नलिखित इंटरनेट साइट पर हिंदी सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं के लिए उपयुक्त संपर्क सूत्र, ई-मेल, सॉफ्टवेयर आदि जानकारी उपलब्ध है।

१. www.rajbhasha.nic.in
राजभाषा विभाग, गृहमंत्रालय, भारत सरकार की इस साइट पर राजभाषा हिंदी संबंधित नियम, अधिनियम, वार्षिक कार्यक्रम, तिमाही, अर्धवार्षिक, वार्षिक, विवरण हिंदी सीखने के लिए लिला-प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ पॅकेज आदि महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इस साइट पर उपलब्ध जानकारी सभी सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों, उद्यमों के लिए उपयुक्त हैं।

२• www.rajabhasha.com
इस साइट पर राजभाषा हिंदी संबंधित नियम, साहित्य, व्याकरण, शब्दकोश, पत्रकारिता, तकनिकी सेवा, हिंदी संसार, पूजा-अर्चना, हिंदी सीखें आदि संपर्क सूत्र उपलब्ध है।
३• www.indianlanguages.com
इस साइट पर हिंदी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के लिए साहित्य, समाचार-पत्र, ई-मेल, सर्च-इंजन आदि महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

४• www.tdil.mit.gov.in
सूचना पौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय भाषाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास (Technology Devalopment For Indian Languages) नामक इस साइट पर राजभाषा हिंदी विकास संबंधित तकनीकी जानकारी, साफ्टवेयर अनुसंधान रत संघटनों की जानकारी, भारत सरकार की योजना-भाषा-२०१० आदि उपलब्ध है। इस साइट की इलेक्ट्रॉनिक पत्रिका 'विश्व भारत' अत्यंत उपयोगी है। इस साइट पर ऑनलाईन अनुवाद सेवा "आंग्ल भारती" जो आई.आई.टी. कानपुर ने प्रदान की है। भारतीय भाषाओं के लिए उपयुक्त तकनीकी जानकारी उपलब्ध है।

५• www.cdacindia.com
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय भाषाओं के लिए इस साइट पर सॉफ्टवेयर, तकनीकी विकास संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। हिंदी, मराठी, संस्कृत और कोकणी भाषाओं के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

६• www.dictionary.com
इस साइट पर विश्व की प्रमुख भाषाओं के शब्दकोश, अनुवाद, समानार्थी शब्दकोश, वैब डिरेक्टरी, वायरलेस मोबाइल शब्दकोश तथा व्याकरण संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

७. भारतीय वैब सर्च इंजन :
www. searchindia.com
www.jadoo.com
www. khoj.com
www.iloveindia.com
www. १२३india.com
www.samilan.com
www.samachar.com
www.search.asiaco.com
www.rekha.com
www.sholay.com
www.locateindia.com
www.mapsofindia.com
www.webdunia.com
www.netjal.com
 www.indiatimes.com

८• www.rosettastone.co
इस साइट पर हिंदी सहित विश्व की सभी भाषाओं को सीखने के लिए इलेक्ट्रानिक सुविधाएँ उपलब्ध है। विश्व की ८० भाषाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने हेतु पर्यटकों के लिए Gold Partner V६ नामक उपलब्ध है।

९• www.wordanywhere.com
इस साइट पर किसी भी अंग्रेज़ी शब्द का हिंदी समानार्थी शब्द तथा किसी हिंदी शब्द का अंग्रेज़ी समानार्थी शब्द प्राप्त किया जा सकता है।
१०. हिंदी में ई-मेल की सुविधाएं :
www.epatr.com
www.mailjol.com
www.langoo.com
www.cdacindia.com
www.bharatmail.com
www.rediffmail.com
www.webdunia.com
www.danikragran.com
www.rajbhasha.nic.in
११• www.bharatdarshan.co.nz
न्यूजीलैंड में बसे मूल भारतीय लोगों ने इस साइट पर हिंदी साहित्य, कविताएँ, लघुकथाएँ, व्याकरण आदि सामग्री प्रस्तुत की है।
१२• www.boloji.org
पारिवारिक रंगारंग पत्रिका जिसमें हिंदी साहित्य, कला, संस्कृति आदि संबंधित संकलन उपलब्ध है।
१३• www.unl.ias.unu.edu
टोकिया विश्व विद्यालय द्वारा विकसित इस साइट पर हिंदी सहित विश्व की १५ भाषाओं के विकास के लिए अनुसंधान कार्य जारी है। इस योजना का नाम Universal Net Working Languages  रखा है, जिसमें सभी शब्दकोश तथा अनुवाद कार्य के सहारे विश्व शांति एवं एकता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। विश्व की प्रमुख १५ भाषाओं में हिंदी को कंप्यूटर में विकसित किया जा रहा है।
१४• www.hindinet.com
इस साइट पर हिंदी भाषा संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, संपर्क सूत्र उपलब्ध है। हिंदी पाठकों, भाषा शास्त्री तथा छात्रों के लिए अत्यंत उपयुक्त साईट।
१५• www.microsoft.com/india/hindi२०००
विश्व प्रसिद्ध माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने हिंदी भाषा के लिए एम एस ऑफ़िस-२००० पॅकेज विकसित किया है। माइक्रोसॉफ्ट के अन्य उत्पादों में हिंदी को शामिल किया गया है।
१६• www.cstt.nic.in
वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार द्वारा विकसित इस साइट पर प्रशासनिक शब्दकोश सहित अनेक विषयों के तकनीकी शब्दकोश प्रस्तुत किए गए हैं। हिंदी,अंग्रेज़ी के लिए उपलब्धि शब्द-कोश कार्यालयों के लिए काफ़ी उपयोगी है।
१७• www.ciil.org
केंद्रिय भारतीय भाषा संस्थान, भारत सरकार ने सभी भारतीय भाषाओं के विकास के लिए इस साइट का निर्माण किया है। सभी भारतीय भाषाओं में पारस्पारिक आदान-प्रदान के लिए यह संस्थान विशेष कार्य कर रहा है।
१८• www.gadnet.com
इस साइट पर हिंदी भाषा का इतिहास, हिंदी की कविताएँ, गीत आदि साहित्य उपलब्ध है।
१९• www.nidatrans.com
इस साइट पर हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु भाषाओं के लिए अनुवाद, डीटीपी आदि सेवा उपलब्ध है।
२०• www.shamema.com
इस साइट पर हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, पख्तु, पाश्तो भाषाओं के लिए समानार्थी शब्द प्राप्त किया जा सकते हैं।
२१• www.hindibhasha.com
इस साइट पर हिंदी भाषा के लिए उपयुक्त जानकारी उपलब्ध है।

Wednesday, 25 February 2015

वेब पत्रकारिता




वेब पत्रकारिता को हम इंटरनेट पत्रकारिता, ऑनलाइन पत्रकारिता, सायबर पत्रकारिता आदि नाम से जानते हैं. जैसा कि वेब पत्रकारिता नाम से स्पष्ट है यह कंप्यूटर और इंटरनेट के सहारे संचालित ऐसी पत्रकारिता है जिसकी पहुँच किसी एक पाठक, एक गाँव, एक प्रखंड, एक प्रदेश, एक देश तक नहीं बल्कि समूचा विश्व है और जो डिजिटल तंरगों के माध्यम से प्रदर्शित होती है. भारत में बढ़ते संचार साधनों से पत्रकारिता के क्षेत्र में भी करियर के अवसर उजले हुए हैं. दिनोदिन समाचार चैनलों, अखबारों की संख्या बढ़ती जा रही है.
 
पत्रकारित्रा पहले जहां अखबारों, पुस्तकों में हुआ करती थी, वहीं इंटरनेट के बढ़ते प्रचलन के बीच वेब पत्रकारिता का जन्म हुआ. इंटरनेट बढ़ते समाचार पोर्टलों से वेब पत्रकारिता में योग्य पत्रकारों की मांग बनी रहती है.

जिस प्रकार अखबारों, पत्रिकाओं में खबरों के चयन, संपादन या लेखक होते हैं. यही कार्य इंटरनेट पर किया जाता है. हर व्यक्ति तेजी से खबरें चाहता है. युवाओं की भी पसंद इंटरनेट बनता जा रहा है.

पहले जहां इंटरनेट कम्प्यूटर तक सीमित था, वहीं नई तकनीकों से लैस मोबाइलों में भी इंटरनेट का चलन बढ़ता जा रहा. किसी भी जगह कहीं भी इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह वेब पत्रकारिता का ही कमाल है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर किसी भी भाषा में किसी भी देश का अखबार या खबरें पढ़ सकते हैं. यहां कार्य में भी तेजी होनी चाहिए. खबर लिखकर उसका संपादन ही नहीं, बल्कि लगातार उसे अपडेट भी करना पड़ता है.

वेब पत्रकारिता में बहुत अधिक संभावनाएं हैं. इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए खबरों को समझकर उन्हें प्रस्तुत करने की कला, तकनीकी ज्ञान, भाषा पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक है. न्यूज पोर्टल के रूप में स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली साइटों की संख्या भारत में कम हैं.
ऐसी साइटों की संख्या ज्यादा है जो अपने वेब के लिए सामग्री अपने चैनलों या अखबारों से लेती हैं. स्वतंत्र न्यूज पोर्टल में वेब पत्रकार बनकर आप करियर बना सकते हैं. खेल, साहित्य, कला जैसी साइटों पर करियर की उज्जवल संभावनाएं रहती हैं. मास कम्यूनिकेशन या जर्नलिज्म में डिप्लोमा या डिग्री लेकर आप इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं.

प्रिंट मीडिया से यह इस रूप में भी भिन्न है क्योंकि इसके पाठकों की संख्या को परिसीमित नहीं किया जा सकता. इसकी उपलब्धता भी सार्वत्रिक है. इसके लिए मात्र इंटरनेट और कंप्यूटर, लैपटॉप, पॉमटॉप या अब मोबाईल की ही जरूरत होती है. इंटरनेट के ऐसा माध्यम से वेब-मीडिया सर्वव्यापकता को भी चरितार्थ करती है जिसमें ख़बरें दिन के चौबीसों घंटे और हफ़्ते के सातों दिन उपलब्ध रहती हैं. वेब पत्रकारिता की सबसे खासियत है उसका वेब यानी तंरगों पर घर होना. अर्थात् इसमें उपलब्ध किसी दैनिक, साप्ताहिक, मासिक पत्र-पत्रिका को सुरक्षित रखने के लिए किसी किसी आलमीरा या लायब्रेरी की जरूरत नहीं होती. समाचार पत्रों और टेलिविज़न की तुलना में इंटरनेट पत्रकारिता की उम्र बहुत कम है लेकिन उसका विस्तार तेज़ी से हुआ है. वाले दिनों में इसका विस्तार बेतार पत्रकारिता यानी वायरलेस पत्रकारिता में होगा जिसकी पहल कुछ मोबाइल कंपनियों द्वारा शुरू भी की जा चुकी है. वेब मीडिया या ऑनलाइन जर्नलिज्म परंपरागत पत्रकारिता से इन अर्थों में भिन्न है उसका सारा कारोबार ऑनलाइन यानी रियल टाइम होता है. ऑनलाइन पत्रकारिता में समय की भारी बचत होती है क्योंकि इसमें समाचार या पाठ्य सामग्री निरंतर अपडेट होती रहती है. इसमें एक साथ टेलिग्राफ़, टेलिविजन, टेलिटाइप और रेडियो आदि की तकनीकी दक्षता का उपयोग सम्भव होता है.

आर्काइव में पुरानी चीजें यथा मुद्रण सामग्री, फिल्म, आडियो जमा होती रहती हैं जिसे जब कभी सुविधानुसार पढ़ा जा सकता है. ऑनलाइन पत्रकारिता में मल्टीमीडिया का प्रयोग होता है जिसमें, टैक्स्ट, ग्राफिक्स, ध्वनि, संगीत, गतिमान वीडियो, थ्री-डी एनीमेशन, रेडियो ब्रोडकास्टिंग, टीव्ही टेलीकास्टिंग प्रमुख हैं. और यह सब ऑनलाइन होता है, यहाँ तक कि पाठकीय प्रतिक्रिया भी. कहने का वेब मीडिया में मतलब प्रस्तुतिकरण और प्रतिक्रियात्मक गतिविधि एवं सब कुछ ऑनलाइन होता है. परंपरागत प्रिंट मीडिया एट ए टाइम संपूर्ण संदर्भ पाठकों को उपलब्ध नहीं करा सकता किन्तु ऑनलाइन पत्रकारिता में वह भी संभव है.

युनिकोड ने बदला वेब-मीडिया का परिदृश्य

वेब मीडिया की लोकप्रियता-ग्राफ़ में गुणात्मक वृद्धि नहीं होने के पीछे अन्य कारणों के साथ फोंट की समस्य़ा भी रही है . शुरूआती दौर में इन अखबारों को पढ़ने के लिए यद्यपि हिंदी के पाठकों को अलग-अलग फ़ॉन्ट की आवश्यकता होती थी जिसे संबंधित अखबार के साइट से उस फ़ॉन्ट विशेष को चंद मिनटों में ही मुफ्त डाउनलोड़ और इंस्टाल करने की भी सुविधा दी जाती थी (गई है) . हिंदी फ़ॉन्ट की जटिल समस्या से हिंदी पाठकों को मुक्त करने के लिए शुरूआती समाधान के रूप में डायनामिक फ़ॉन्ट का भी प्रयोग किया जाता रहा है . डायनामिक फ़ॉन्ट ऐसा फ़ॉन्ट है जिसे उपयोगकर्ता द्वारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होती बल्कि संबंधित जाल-स्थल पर उपयोगकर्ता के पहुँचने से फ़ॉन्ट स्वयंमेव उसके कंप्यूटर में डाउनलोड हो जाता है . यह दीगर बात है कि उपयोगकर्ता उस फ़ॉन्ट में वहाँ टाइप नहीं कर सकता . अब युनिकोड़ित फोंट के विकास से वेब मीडिया में फोंट डाउनलोड़ करने की समस्य़ा लगभग समाप्त हो चुकी है . 

बड़े वेब पोर्टलों के साथ-साथ सभी वेबसाइट अपनी-अपनी सामग्री युनिकोड़ित हिंदी फोंट में परोसने लगे हैं किन्तु अभी भी अनेक ऐसे साइट हैं जो समय के साथ कदम मिलाकर चलने को तैयार नहीं दिखाई देतीं . दिन प्रतिदिन गतिशील हो रही वेबमीडिया की पाठकीयता (वरिष्ठ पत्रकार संजय द्विवेदी के शब्दों में दर्शनीयता ही सही) को बनाये रखने के लिए पाठक को फोंट डाउनलोड़ करने के लिए अब विवश नहीं किया जा सकता . क्योंकि अब वह विकल्पहीनता का शिकार नहीं रहा . पीड़ीएफ़ में सामग्री उपलब्ध कराना फोंट की समस्या से निजात पाने का सर्वश्रेष्ठ विकल्प या साधन नहीं है . भाषायी ऑनलाइन पत्रकारिता वास्तविक हल तकनीकी विकास से संभव हुआ युनिकोड़ित फोंट ही है जो अब सर्वत्र उपलब्ध है.